विश्व हिन्दू परिषद ने अयोध्या के राम लला मंदिर में चोरी के मामले में तुरंत FIR दर्ज करने, जांच में तेज़ी लाने और एक फास्ट ट्रैक कोर्ट में दैनंदिन आधार पर सुनवाई कराने की मांग की है.
परिषद का कहना है कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को जल्द सजा हो.
विश्व हिन्दू परिषद ने अयोध्या में 25 से 29 जून तक होने वाली अपनी वार्षिक बैठक रद्द कर दी है.
परिषद ने FIR की मांग की, अच्छा किया लेकिन प्रभु राम के दान में चोरी की सबसे दुखदायी बात ये है कि चोरी करने कोई बाहर से नहीं आया था.
जो मंदिर के पापा, चाचा, मामा बनकर बैठे थे, उनके भाई-भतीजों ने ही पाप किया. जिन्हें चौकीदार बनाया, उन्होंने ही डाका डाला.
ये भी चौंकाने वाली बात है कि इनमें से ज्यादातर लोग RSS से जुड़े हैं, संघ के स्वयंसेवक होने का दावा करते हैं.
जिन पर आंख मूंदकर विश्वास किया, वो लालच में अंधे हो गए.
सबको पता था कि डकैती हो रही है, रोज़ हो रही है, पर कोई बोला नहीं क्योंकि सबके सब प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस पाप में शामिल थे.
इसीलिए FIR सिर्फ उन लोगों पर नहीं होनी चाहिए जिनके पास से लूट का माल मिला.
बिजली उन पर भी गिरनी चाहिए जो मठाधीश बनकर बैठे रहे और पर्चियों से काम चलाते रहे.
भरत तिवारी : कोई किसी जाति का हो, फर्ज़ी एनकाउंटर बंद करो!
बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में महापंचायत हुई. इसमें मांग की गई कि भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच एक वर्तमान हाई कोर्ट जज से कराई जाए.
तय हुआ कि पूरे बिहार में इस हत्या के विरोध में आंदोलन होगा. जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी महापंचायत में पहुंचे.
अब तक भरत तिवारी की मां की शिकायत पर DSP राजेश शर्मा, SHO राजेश मालाकार और 3 अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है.
इस मामले में तो सबकी राय एक है कि भरत तिवारी का एनकाउंटर फर्जी था. ये हत्या है.
वीडियो में वो पिस्तौल फेंकते हुए सरेंडर करते हुए साफ दिखाई दे रहा है, फिर भी पुलिस ने उसके सीने में गोली मार दी.
दुर्भाग्य की बात है कि इतना स्पष्ट मामला होने के बाद भी बिहार में हत्या की घटना जातियों की ताकत दिखाने का मामला बन गया है.
एक तरफ सारे सवर्ण हैं, जो वर्तमान हाई कोर्ट जज से जांच कराने की मांग कर रहे हैं और जिन पुलिस वालों ने गोली मारी उनको फांसी पर चढ़ाने की बात कह रहे हैं.
अन्य जातियों के नेता इतना कहकर रुक जाते हैं कि कानून अपना काम कर रहा है, इस मामले को इतना तूल देने की ज़रूरत क्या है ?
उनकी समस्या ये है कि एक ब्राह्मण नेता के एनकाउंटर को इतना बड़ा मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है.
मुझे लगता है ये point blank murder का केस है. वीडियो पर है. इसे जाति के चश्मे से नहीं देखना चाहिए.
सबकी कोशिश ये होनी चाहिए कि इस तरह का फर्जी एनकाउंटर करने वालों को सजा मिले ताकि कोई किसी भी जाति का हो, किसी के साथ इस तरह का फर्जी एनकाउंटर दोबारा न हो.
ये कैसी मंगेतर? धोखा, फरेब और हत्या
पुणे में एक युवती ने अपने होने वाले पति को सिर्फ इसलिए मार डाला क्योंकि वो उससे शादी नहीं करना चाहती थी. इस हत्या में उसके बॉयफ्रेंड ने साथ दिया.
सिया गोयल की केतन अग्रवाल से सगाई हुई. सिया ने उस जगह की रेकी की जहां वो केतन की हत्य़ा करना चाहती थी.
एक बार प्लान फेल हुआ तो दोबारा केतन को लोहागढ़ किला ले गई और पहाड़ से धक्का देकर 400 फीट नीचे गिरा कर मार डाला.
सिया ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर इस तरह प्लानिंग की कि किसी को उसके खौफनाक इरादों पर जरा भी शक नहीं हुआ.
केतन को पहाड़ से धक्का देने के बाद सिया ने पुलिस को कॉल किया, फिर केतन के घर जाकर रोई, सोशल मीडिया पर दुखभरे इमोशनल पोस्ट करती रही.
केतन के परिवार को शक हुआ, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किए, सिया के फोन की कॉल डिटेल निकाली, तो राज़ खुला.
पूछताछ में सिया और चेतन चौधरी ने कबूल किया कि दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की.
केतन की मां ने कहा, सिया के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाया जाए और उसे जल्द ऐसी सजा मिले जिससे कोई इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे.
किले में अपने मंगेतर की प्लानिंग करके हत्या करने वाली लड़की ने पूरे समाज को चौंका दिया है.
सबके मन में डर है, सवाल है. अगर उसे शादी नहीं करनी थी, तो वो ना करती, माता-पिता से लड़ती.
जिस लड़के से शादी होनी है, उससे कहती, उसके मां-बाप को बताती. जान लेने की क्या जरूरत थी ?
उसने ये कैसे सोच लिया कि वो हत्या करेगी और बच जाएगी?
क्या उसे मालूम नहीं था कि पिछले साल भी इसी तरह का केस आया था?
शादी के बाद सोनम अपने पति को हनीमून के लिए शिलॉन्ग ले गई थी और बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या कर दी थी.
ये बात जरूर परेशान करती है कि दो महीने पहले 27 अप्रैल को शिलॉन्ग कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी, अब वो जेल से बाहर है.
इसीलिए ऐसा ही केस दोबारा हो जाए, ये बहुत चिंता की बात है.
किसी लड़की के मन में ऐसा विचार भी कैसे आ सकता है, ये समाज के सामने बड़ा सवाल है.
