Rajat Sharma

My Opinion

मोदी का वार : केजरीवाल कमज़ोर विकेट पर

AKB प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस और इंडी अलायन्स पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया. दिल्ली की रैली में बुधवार को मोदी ने कहा कि कांग्रेस और इंडी अलायन्स के लोगों ने वोट के चक्कर में तुष्टिकरण की हद पार कर दी है. मोदी ने इंडी अलायंस को खान मार्केट गैंग बताया. नरेन्द्र मोदी ने कहा कि खान मार्केट गैंग न सिर्फ दलित, पिछड़ों, आदिवासियों का आरक्षण छीनकर मुसलमानों को देना चाहता है, बल्कि ये लोग देश की संपत्ति वक्फ बोर्ड को देना चाहते हैं, खेलों में धर्म के आधार पर खिलाड़ियों का चय़न करना चाहते हैं, बैंक कर्ज़ धर्म के आधार पर देना चाहते हैं, देश के बजट का 15 परसेंट हिस्सा अपने वोट बैंक को देना चाहते हैं. मोदी ने कहा कि जब वो इस हकीकत को देश के सामने रखते हैं, तो उन पर हिन्दू-मुसलमान की राजनीति करने का इल्जाम लगाया जाता है लेकिन ” मोदी को वोट की नहीं, देश की चिंता है”, इसलिए वो हकीकत बयां करते रहेंगे. इंडी अलायन्स के मंसूबों को एक्सपोज़ करते रहेंगे. मोदी ने 1984 में दिल्ली में सिख विरोधी दंगों की बात की, कांग्रेस और केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोपों का मुद्दा उठाया. दूसरी तरफ अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि मोदी जनता का ध्यान भटकाने की कितनी भी कोशिश कर लें, लेकिन 4 जून को इंडी एलायन्स की सरकार ही बनेगी. दिल्ली में 25 मई को वोटिंग होनी है. इसलिए मोदी ने बुधवार को दिल्ली में दो रैलियां की. इन रैलियों में मोदी अलग रंग में दिखाई दिए. उन्होंने कांग्रेस के माने में क्या क्या हुआ, दिल्ली के लोगों ने कैसी-कैसी मुसीबतें झेली और अब कांग्रेस और इंडी अलायन्स के लोग किस तरह की साजिशें रच रहे हैं, इसका पूरा ब्यौरा जनता के सामने रख दिया. मोदी ने कहा कि जब से उन्होंने देश की जनता को ये सच बताया कि कांग्रेस मुसलमानों को धर्म के आधार पर आरक्षण देना चाहती है, तब से विरोधी दलों के नेता उनके पीछे पड़े हैं, उन पर हिन्दू-मुसलमान वाली सियासत करने का इल्जाम लगा रहे हैं लेकिन पीएम ने कहा, ” मोदी रुकेगा नहीं…डरेगा नहीं. सच्चाई को जनता के सामने रखेगा.” इसके बाद मोदी ने कहा कि कांग्रेस और इंडी अलायन्स में शामिल पार्टियों में तीन बातें समान है – सब के सब घोर सांप्रदायिक हैं, सब के सब घोर जातिवादी हैं और सब के सब घोर परिवारवादी हैं. मोदी ने कहा कि अब देश को नेशन फर्स्ट और फैमिली फर्स्ट वालों में से किसी एक को चुनना है. मोदी ने इसके बाद अपनी सरकार के काम गिनाए, कांग्रेस के साठ साल के शासन से उनकी तुलना की. मोदी ने दिल्ली के लोगों को सिख विरोधी दंगों की याद दिलाई. कहा कि एक तरफ वो लोग हैं जिन्होंने सिख भाइयों के गले में जलते टायर डाल कर उन्हें जलाया, दूसरी तरफ मोदी है जिसने दंगा करने वालों को जेल भेजा, उन्हें सजा दिलवाई. मोदी ने अरविन्द केजरीवाल की बात की. मोदी ने केजरीवाल का नाम नहीं लिया लेकिन कहा कि दिल्ली के लोग कट्टर भ्रष्टाचारियों को देख रहे हैं, जो ईमानदारी के वादे करके सत्ता में आए थे, अब उनके कारनामे देखकर अदालतें भी हैरान हैं. मोदी ने कहा कि इंडी अलायन्स के लोग देश के नागरिकों की संपत्ति का एक्सरे करना चाहते हैं, लेकिन अब मोदी इन लोगों की संपत्ति का एक्स-रे करेगा और देश की लुटी सम्पत्ति देश को लौटाएगा. उधर, अरविन्द केजरीवाल अपनी पत्नी सुनीता के साथ दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में रोड शो कर रहे थे. रोड शो के दौरान केजरीवाल ने मोदी को जवाब दिया. कहा कि अब तो उन्हें पक्का यकीन हो गया है कि 4 जून को मोदी जाने वाले हैं, उन्हें हार का डर सता रहा है, इसीलिए असली मुद्दों पर बात करने की बजाए मंगलसूत्र की बातें कर रहे हैं. केजरीवाल ने कहा कि 4 जून को जब देश में इडी अलायन्स की सरकार बन जाएगी तो वो सबसे पहले दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाएंगे, दिल्ली में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे. दिल्ली में महिला सुरक्षा इस वक्त बड़ा मुद्दा है और मुख्यमंत्री के निवास में स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट का केस चर्चा में हैं. अरविन्द केजरीवाल ने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा. एक हफ्ते से वह इस मसले पर खामोश हैं. हालांकि उन्होंने PTI को दिए एक इंटरव्यू में सिर्फ इतना कहा कि दोनों पक्षों की तरफ से कई तरह की बातें कहीं जा रही हैं, इसलिए इस केस की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. इसके जवाब में स्वाति मालीवाल ने कहा कि उन्हें धमकाया जा रहा है, ट्रोल किया जा रहा है, उनका चरित्र हनन किया जा रहा है, मुख्यमंत्री आरोपी के साथ घूम रहे थे, उसे अपने अपने घर में बुला रहे थे, और अब कह रहे हैं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है? एक बात तो तय है कि स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट का मुद्दा केजरीवाल को भारी पड़ेगा. कानूनी मुश्किलात तो होगी ही, सियासी नुकसान भी होगा. जहां तक केजरीवाल के इल्जाम का सवाल है कि मोदी अपने भाषणों में भावनात्मक मुद्दे उठा रहे हैं, तो केजरीवाल भी आजकल अपनी पत्नी सुनीता को साथ लेकर रोड़ शो कर रहे हैं, उनसे भाषण दिलवा रहे हैं जिसमें वो कह रही है कि अगर मोदी को वोट दिया, तो केजरीवाल को फिर जेल जाना पड़ेगा. ये भावनात्मक अपील नहीं तो क्या है? केजरीवाल कह रहे है कि मोदी मंगलसूत्र और मुसलमान की बात कर रहे हैं., तो केजरीवाल और इंडी अलायन्स के नेता भी कह रहे हैं कि मोदी आया, तो तानाशाही आएगी, संविधान खत्म हो जाएगा, दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का आरक्षण खत्म हो जाएगा. दोनों एक ही तरह की बातें हैं . असल बात ये है कि दिल्ली में 2013 से अरविन्द केजरीवाल की सरकार है. इस दौरान लोकसभा के दो चुनाव हो चुके हैं औऱ दिल्ली की सातों की सातों सीटें बीजेपी ने जीती. इस बार एक अंतर हैं. अब कांग्रेस औऱ आम आदमी पार्टी का अलायन्स है, दोनों मिलकर लड़ रहे हैं, लेकिन इस बार भी बीजेपी के लिए हालात मुश्किल नहीं दिखते क्योंकि अरविन्द केजरीवाल भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करके सत्ता में आए और आज वो खुद रिश्वत के कई मामलों में फंसे हैं. शराब घोटाले के केस में केजरीवाल खुद 21 दिन की अन्तरिम ज़मानत पर हैं. इसके अलावा केजरीवाल ने उसी कांग्रेस से हाथ मिलाया है जिसके नेताओं को भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल भेजने के दावे करके सत्ता में पहुंचे थे. मोदी ने आज यही बात कही. इसलिए केजरीवाल भी जानते हैं कि इस बार वो कमजोर विकेट पर हैं.

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MODI’S ASSAULT ON AAP : KEJRIWAL ON A WEAK WICKET IN DELHI

AKB In one of his strongest attacks on Congress-led INDIA bloc, Prime Minister Narendra Modi on Wednesday told an election rally in Delhi that INDIA bloc “is the symbol of all evils, like massive corruption and dynastic politics,” in the country. Taking a swipe at Congress and its ally Aam Aadmi Party, Modi said, “the oldest corrupt party has joined hands with the ‘kattar bhrashtachari’ (highly corrupt) party in Delhi”. Modi alleged that Congress and “INDI alliance” have crossed all limits of appeasement and they want to reduce reservation quotas of Dalits, Adivasis and Backward castes in order to help minorities. “The Khan Market Gang wants to give the nation’s property to Waqf boards, select sportspersons on the basis of religion and give bank loans to minorities. They want to give 15 per cent of the nation’s budget to their minority vote-bank”, Modi said. The PM said, whenever he talked about appeasement of minority vote-bank, he was blamed by the opposition for raising “Hindu-Muslim issue”, “but Modi is not worried aboout votes, he has the nation’s interest in mind and shall continue to expose the nefarious aims of INDI alliance”. Responding, Delhi CM Arvind Kejriwal alleged, Modi was trying to divert people’s attention from pressing issues and he was confident that INDIA bloc would form government at the Centre on June 4. Delhi is going to the polls on May 25. Modi reminded voters of what happened during the 1984 anti-Sikh riots in Delhi. “Sikhs were burnt to death by putting burning tyres round their necks during the riots”, Modi said. The Prime Minister said, ‘Congress and “INDI alliance” have three points in common – they are highly communal, they are casteist and they are steeped in dynastic politics’. Modi did not name Kejriwal, but said, the voters of Delhi are watching the acts of “kattar bhrashtacharis” (highly corrupt leaders). “Even the courts are shocked on seeing evidences of their corruption…Modi will carry out a full x-ray of the assets of these people and restore the looted money to the nation”, he said. On his part, Arvind Kejriwal, along with his wife Sunita, took out a road show in Delhi’s Malviya Nagar. Kejriwal said, “it is now almost certain that Modi will have to quit on June 4 and he is afraid of quitting. This is the reason why Modi is talking about ‘mangalsutra’ instead of real issues.” Kejriwal promised that Delhi would be granted full statehood after INDIA bloc government is formed after June 4. Kejriwal has been maintaining a studied silence on Swati Maliwal assault issue for the last one week, but, in an interview to a news agency, he said, this case should be probed impartially, since both sides are coming up with their own versions. On Wednesday, Swati Maliwal alleged that she was being threatened by AAP leaders and was also being trolled on social media. She alleged that she was being subjected to character assassination and the main accused was openly travelling with the Chief Minister. “The same chief minister is now saying there must be an impartial probe. There can’t be a bigger irony”, she said. The May 13 incident at the CM House, in which Swati Maliwal was allegedly assaulted, is going to cost Kejriwal heavily in the Delhi LS elections. It is going to cause political damage to hist party, apart from legal hassles. Kejriwal has been alleging that Modi is raising emotional issues in his campaign, but he is himself taking his wife Sunita in his road shows, making her to tell voters that if they voted for Modi, her husband will have to spend time in jail. If this is not emotional pressure, what else is? Kejriwal is alleging that Modi is trying to raise the Muslim bogey of Hindu women going to lose their ‘mangalsutras’, but the fact remains that Kejriwal and INDI alliance leaders have been saying if Modi retains power, India will face dictatorship, Constitution will be scrapped and quotas for Dalits, Adivasis and Backwards will end. These allegations and counter-allegations are on the same lines. The fact remains that Kejriwal has been in power in Delhi since 2013, two Lok Sabha elections were fought and in both elections, BJP swept all the seven parliamentary seats. There is one major difference this time. Congress and Aam Aadmi Party are allies now in Delhi, and are fighting the Lok Sabha elctions jointly. Yet, the situation in Delhi does not seem to be difficult for BJP. The reason: It was Kejriwal who came to power by launching anti-corruption agitation, and now, he and his party are involved neck-deep in charges of corruption in liquor cases. Kejriwal himself is on 21 days’ interim bail till June 1. Secondly, Kejriwal has joined hands with Congress. It was Kejriwal who had been promising people of sending corrupt Congress leaders to jail, 10 years ago. Modi reminded Delhi voters about what Kejriwal had then said. The AAP chief knows, he is on a weak wicket this time.

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महिलाओं की पसंद मोदी क्यों ?

AKB मंगलवार को बिहार में रैलियां करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश पहुंचे. पहले प्रयागराज में रैली की, उसके बाद प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे. मोदी ने संकट मोचन मंदिर में बजरंग बली का दर्शन किया. इससे पहले उन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत महाविद्यालय में नारी शक्ति संवाद कार्यक्रम में करीब 25 हजार महिलाओं को संबोधित किया. इस प्रोग्राम की खास बात ये थी कि इस कार्यक्रम में पूर्वी उत्तर प्रदेश की महिलाएं ही मौजूद थीं. मंच का संचालन भी महिलाओं ने किया. इस कार्यक्रम में मोदी ने सिर्फ काशी की बात की और मातृ शक्ति के लिए क्या-क्या किया, ये बताया. मोदी ने कहा कि भारतीय समाज का आधार, भारत की शक्ति का श्रोत मातृ शक्ति है, लेकिन समाजवादी पार्टी की सरकार ने कदम-कदम पर महिलाओं का अपमान किया, महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ किया. मोदी ने कहा कि जो पहले कहते थे “लड़के हैं, लड़कों से गलती हो जाती है”, अब यूपी में समाजवादी पार्टी के लड़के गलती करके दिखाएं, तो योगी उनका वो हाल करेंगे, जो सोचा नहीं होगा. मोदी ने कहा – “काशी में राजपाट बाबा विश्वनाथ का है, लेकिन व्यवस्था माता अन्नपूर्णा ही चलाती हैं. जब घर आपके बिना नहीं चल सकता, तो देश कैसे चल जाता? ये बात साठ साल तक सरकारों को समझ ही नहीं आई. कांग्रेस सपा की सरकारों ने महिलाओं के साथ क्या किया, केवल उपेक्षा और असुरक्षा. इंडी गठबंधन की मानसिकता ही महिला विरोधी है. इंडी वाले महिलाओं को आरक्षण दिए जाने का विरोध करते हैं. जहां इनकी सरकार आती है, महिलाओं का जीना दूभर हो जाता है. बनारस के लोग तो यूपी, बिहार दोनों में रहे जंगलराज से परिचित हैं. बहन-बेटियों का घर से निकलना मुश्किल था. बेटियों को सुरक्षा के डर से पढ़ाई छोड़कर घर पर बैठना पड़ता था और सपा वाले कहते थे, बेशर्मी से कहते थे, लड़के हैं, लड़कों से तो गलती हो जाती है. आज सपा के लड़के जरा गलती करके दिखाएं. योगी जी की सरकार उनका वो हाल करेगी, जो उन्होंने सोचा भी नहीं होगा” मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की कई जन कल्याण योजनाओं से जनता की बचत में इज़ाफा हुआ है. कांग्रेस की सरकीर की पहचान होती थी – ‘कांग्रेस आई, महंगाई लाई’. कांग्रेस सरकार रही होती, तो आपका रसोई का बजट दो-तीन गुना बढ चुका होता लेकिन मोदी लगातार प्रयास करता है कि आपकी खर्च कम हो और आपकी बचत बढे. मुफ्त राशन योजना से हर परिवार के साल में करीब 12 हजार रुपये बच रहे हैं. उज्ज्वला योजना से प्रति गैस सिलेंडर 300 रुपये से ज्यादा की बचत हो रही है. जन औषधि केंद्रों पर 80 प्रतिशत तक छूट दवाओं पर मिल रही है. पाइप गैस से भी बचत हो रही है. मोदी जब बोल रहे थे तब मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद थे. आपको याद होगा, 2019 में मतगणना वाले दिन जब ये स्पष्ट हो गया कि मोदी दूसरी बार जीत गए हैं, तो उन्होने पार्टी मुख्यालय के बाहर अपने भाषण में जीत का पहला श्रेय देश की आधी आबादी, महिला वोटरों को दिया था. मंगलवार का नारी शक्ति संवाद उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है. इसमें कोई दो राय नहीं कि देश के लगभग सभी राज्यों में बड़ी संख्या में महिला मतदाता मोदी के मुरीद हैं.

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NAARI SHAKTI : WHY WOMEN VOTERS PREFER MODI

AKB After addressing election rallies in Bihar on Tuesday, Prime Minister Narendra Modi addressed a mega Naari Shakti Samvaad event at the Sampurnanand Sanskrit College in Varanasi. It was attended by nearly 25,000 women voters, mostly from eastern Uttar Pradesh which will go to the polls on May 25 and June 1. The most significant point was that the entire event was conducted by women. Modi spoke only about the development of Kashi (Benares) and what his government did for the upliftment of women (Matri Shakti). Modi said, women as ‘Matri Shakti’ (Mother Force) have always been the mainstay of India’s cultural ethos. ‘India’, he said, ‘derives it power from Matri Shakti’. Modi told women voters how his government ensured big savings for women despite inflation. “The Congress rule was infamous for price rise and people used to say ‘Congress Aayi, Mehengai Laayi’. Had the Congress been in power now, your kitchen budget would have doubled or tripled, but Modi ensured that your expenses remain low and your savings should increase”. Modi said, “every family is now saving Rs 12,000 annually under free ration scheme, while Ujjwala LPG cylinder scheme has ensured savings of more than Rs 300 per cylinder. Jan Aushadhi Kendras are ensuring savings of 80 per cent on medicines, and piped kitchen gas is also ensuring savings”. On the other hand, Modi lashed out at Samajwadi Party’s rule in UP, when women were not safe on the streets and incidents of sexual assault used to take place. Modi said, “though Baba Vishwanath rules Kashi, Maa Annapurna ensures that the lives of people go on smoothly. If not a single home can run without your help, how can the nation run without you? Congress and SP governments ignored women and created insecurity in their minds. The very mindset of INDI alliance is anti-women. INDI parties had opposed 33 per cent reservation for women in legislatures. Whenever these parties come to power, women find themselves unsafe. The people of Benares know the ‘jungle raaj’ that existed in both UP and Bihar. Mothers and daughters found themselves unsafe on the streets. Many of our daughters had to leave their studies and stay at home, out of fear of eve-teasers. SP leaders used to say, boys are after all boys, and they do make mistakes. Let the SP boys commit the same mistakes today. Yogi’s government will teach them lessons that they never thought of in their dreams.” In his speech focussing on women voters, Modi said, “For 60 years, Congress governments did not realize that the nation cannot run without the help of women. During the last 10 years, mothers, sisters and daughters have come centrestage in our government’s policies and decisions. This issue may not have been discussed much, but the fact remains that women have been a major factor behind India’s success story.” Chief Minister Yogi Adityanath was present on the dais, when the Prime Minister was speaking to women. Women voters in not only UP, but in many states of India, have always been staunch supporters of Modi. With two phases of polling now remaining, Modi wants to reach out to his core base among women voters. One must remember, what Modi said when he won the Lok Sabha elections in 2019. Modi had then said that he attributed his success to the massive support that he received from nearly half the voters who were women across the country. Tuesday’s Naari Shakti Samvaad was a manifestation of Modi’s focus on women.

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शरद पवार से एक सवाल

AKB महाराष्ट्र में सोमवार को बाकी बचे 13 चुनाव क्षेत्रों में वोटिंग हुई. इनमें मुंबई के 6 चुनाव क्षेत्र भी शामिल थे. चुनाव आयोग ने मंगलवार को बताया कि 13 सीटों पर 54.33 परसेंट पोलिंग हुई. मुंबई में 52.27 परसेंट पोलिंग हुई. 13 सीटों पर पोलिंग खत्म होने के बाद महाराष्ट्र की सभी 48 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है. निराश करने वाली बात ये रही कि इस बार भी मुंबई में तकरीबन आधे वोटरों ने वोट नहीं डाला. मुंबई में लोगों को वोटिंग के लिए प्रेरित करने फिल्मी सितारे भी मैदान में उतरे. शाहरुख खान, सलमान, आमिर खान, धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, दीपिका पादुकोण, रेखा, रणबीर कपूर, रणवीर सिंह, सुनील शेट्टी जैसे तमाम स्टार परिवार समेत वोट डालने पहुंचे, लोगों से पोलिंग बूथ्स तक जाने की अपील भी की लेकिन इसका खास असर दिखाई नहीं दिया. शाम को वोटिंग खत्म होने से पहले वोटरों की भीड़ पहुंची और चुनाव आयोग को वोटिंग का समय एक घंटा बढाना पड़ा. मुंबई में कुछ जगह EVM में गड़बड़ी की शिकायतें भी मिलीं. बोरीवली और मगाठाणे इलाके के कई पोलिंग बूथों पर वोटिंग मशीन ख़राब हो गई. इन मशीनों को तुरंत रिप्लेस किया गया. लेकिन इसके बाद भी महाविकास अघाडी के नेताओं ने चुनाव आयोग पर जानबूझ कर वोटिंग परसेंट कम करने की कोशिश का इल्जाम लगाया. उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिन इलाकों में महाविकास अघाड़ी के वोटर हैं, वहीं EVM खराब हुई, इसका मतलब साफ है कि बीजेपी के इशारे पर साजिश हो रही है. उद्धव ठाकरे ने कहा कि वो इस मामले को कोर्ट में ले जाएंगे क्योंकि अब उन्हें चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है. उद्धव ठाकरे जब कोर्ट जाने की धमकी दे रहे थे, शरद पवार ने इंडिया टीवी को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया कि इस बार महाराष्ट्र के नतीजे चौंकाने वाले होंगे. उन्होने कहा,महाराष्ट्र में इस बार कम से कम पचास परशेंट सीटें महाविकाश अघाड़ी जीतेगा. मैं आपको बता दूं कि 2019 में महाराष्ट्र के 48 में से 42 सीटें NDA ने जीतीं थीं. आज जिन 13 सीटों पर वोटिंग हुई, वो सारी सीटें पिछली बार NDA ने जीती थी. लेकिन शरद पवार को भरोसा है कि इस बार कम से कम 24 सीटें महाविकास अघाड़ी जीतेगा. पवार ने कहा – “इस चुनाव में हम चालीस से पचास प्रतिशत तक जाएं तो भी मुझे आश्चर्य नहीं होगा. पांच साल से मोदी जी ने कुछ काम नहीं किया. ये सोचते हैं मोदी जी के नाम पर वोट मिल जाएगा लेकिन अब ऐसा नहीं है. ये बात सही है कि चुनाव प्रचार में मोदी सबसे ज्यादा मेहनत करने वाले नेता हैं. इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. लेकिन पांच साल पहले उनकी जो इमेज थी..उनको जो समर्थन था. आज बिल्कुल नहीं है.” अगर एक मिनट के लिए शरद पवार की बात मान भी ली जाए कि मोदी की लोकप्रियता कम हुई है, तो पवार साहब ये तो बता दें कि किसकी लोकप्रियता बढ़ी है? पवार साहब की? जिनका भतीजा साथ छोड़ गया. राहुल गांधी की? जो रायबरेली में लाज बचाने के लिए आज मारे मारे फिरते रहे. या लालू यादव की? नीतीश जिनका साथ छोड़ गए. या ममता की? जो INDI अलायंस से अलग हो गईं. या केजरीवाल की? जो interim bail पर हैं. ये कहना बहुत आसान है कि मोदी को पहले जैसा समर्थन नहीं मिल रहा, लेकिन ये बताना मुश्किल है कि समर्थन किसको मिल रहा है? सच तो ये है कि पवार साहब भी जानते हैं, मोदी की मेहनत के आगे सब बेरंग हैं.

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A QUESTION FOR MR. SHARAD PAWAR

akb Braving hot weather, voters on Monday in 13 constituencies of Maharashtra including six in Mumbai, came out to cast their vote. The Election Commission announced on Tuesday that 54.33 per cent polling was recorded. This includes an average turnout of 52.27 per cent voters in Mumbai. With this, polling for all 48 Maharashtra LS seats has been completed and leaders of parties have begun making their calculations about probable wins or defeats. Dindori in Nashik recorded the highest at 62.66 per cent, while Kalyan recorded the lowest at 47.08 per cent. Top film stars Shahrukh Khan, Salman Khan, Aamir Khan, Dharmendra, Hema Malini, Amitabh Bachchan, Rekha, Deepika Padukone, Ranveer Singh, Ranbir Kapoor, Suneil Shetty and others went to polling booths to exercise their franchise, but the fact remains that nearly half of the voters in Mumbai did not vote. There were reports of malfunctioning of electronic voting machines at some booths and they were immediately replaced. Election Commission extended polling time by one hour as large number of voters lined up to vote towards the end. Shiv Sena (UBT) chief Uddhav Thackeray alleged that most of EVMs were found faulty in areas dominated by supporters of Maha Vikas Aghadi. He alleged a “BJP conspiracy” and threatened to go to courts. On Monday, Nationalist Congress Party founder Sharad Pawar claimed that Maharashtra results this time would be surprising. In an interview with India TV, Sharad Pawar claimed that Maha Vikas Aghadi would win nearly half of the total 48 LS seats. In 2019 elections, BJP-led NDA had won 42 out of 48 seats. Five years ago, NDA had won all the 13 constituencies that went to the polls on Monday. Sharad Pawar is, however, confident. He said, “I will not be surprised if we get 40 to 50 per cent this time . Modi Ji has not done any work here in the last five years. These people (BJP) think they will get votes in the name of Modi, but this is not the case. It is true that Modi toiled hard this time during electioneering, which cannot be overlooked, but the image and support that he commanded five years ago, is now totally missing.” Pawar clearly indicated that MVA would win at least 24 LS seats in Maharashtra this time. Even if one agrees with Pawar’s view for a minute that Modi’s popularity has waned, Pawar Sahib must say, whose popularity has gone up? Pawar Sahib? His nephew left him and his party in the lurch. Rahul Gandhi? He went around Raebareli today during polling, to hide his uneasiness. Lalu Yadav? He was ditched by Nitish Kumar. Mamata Banerjee? She opted to stay out of the INDI alliance. Or, Kejriwal? He is presently on interim bail till June 1. It is easy to say that Modi is not getting the level of support that he used to get earlier, but it is difficult to say, who is getting popular support to fill up the space. The truth is: Pawar Sahib himself knows, other leaders lack colour in the face of Modi’s strenuous toil.

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स्वाति मालीवाल : केजरीवाल के लिए बड़ी समस्या!

AKB30 स्वाति मालीवाल के केस में दिल्ली पुलिस ने शनिवार को मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के पीएम विभव कुमार को मुख्यमंत्री निवास से गिरफ्तार कर लिया. स्वाति ने विभव कुमार पर आरोप लगाया है कि उसने मुख्यमंत्री निवास में 13 मई को उन्हें थप्पड़ मारे, उनके सीने, पेट और निचले हिस्सों में लात मारे और उनके कपड़े फाड़ दिए. ये बात स्वाति ने एक मजिस्ट्रेट के सामने घारा 164 के तहत दर्ज़ करवाई. इसके जवाब में आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को एक सीसीटीवी वीडियो क्लिप दिखाकर ये साबित करने की कोशिश की कि स्वाति के साथ कोई मारपीट नहीं हुई थी. दिल्ली की मंत्री आतिशी का ये दावा सनसनीखेज़ है कि स्वाति को बीजेपी ने केजरीवाल के घर भेजा. लेकिन दो दिन पहले संजय सिंह ने तो कहा था कि विभव ने स्वाति के साथ बदसलूकी की. उन्होंने कहा था केजरीवाल विभव के खिलाफ एक्शन लेंगे.स्वाति अब कह रही हैं कि केजरीवाल विभव के दबाव में हैं क्योंकि उनके पास कोई राज़ हैं.इसीलिए इस पूरे मामले को ट्विस्ट देने की कोशिश की गई. असल में ये सारी खिचड़ी घर में ही पकी. स्वाति के साथ जो हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण था,लेकिन जो हुआ, ये समझना मुश्किल है. जानकार कहते हैं कि संजय सिंह ने स्वाति को इस बात के लिए मना लिया था कि वो इस मामले को पब्लिक ना करें. दो दिन पहले इसपर सुलह भी हो गयी थी. क्योंकि केजरीवाल को चुनाव में इसका भारी नुकसान हो सकता है. स्वाति की शर्त थी विभव को उसके पद से हटा दिया जाए ताकि वो केजरीवाल तक लोगों को पहुंचने से रोक न सके. इस बात को सार्वजनिक किया जाना था, जो संजय सिंह ने कर दिया. स्वाति खामोश थीं. पर जब उन्होंने देखा कि बिभव को केजरीवाल अपने साथ लखनऊ ले गए हैं तो स्वाति ने पुलिस को बुलाया और बयान दर्ज करवाया, लेकिन मीडिया से बात नहीं की.कोई सार्वजनिक बयान भी नहीं दिया लेकिन शुक्रवार को जब आम आदमी पार्टी ने एक वीडियो जारी करके स्वाति मालीवाल पर पलटवार किया, ट्वीट करके अपने इरादे जाहिर कर दिए तो स्वाति भी सामने आ गईं और जब आतिशी ने उनपर बीजेपी के साथ मिलकर साजिश रचने का इल्जाम लगाया तो स्वाति ने कहा कि आज विभव के दबाव में आम आदमी पार्टी ने हार मान ली और पूरी पार्टी से मेरे चरित्र पर सवाल उठवाए गए. ये सारी की सारी घटना चौंकाने वाली, चिंता में डालने वाली है. अब पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच करेगी. इसमें कानून और सार्वजनिक सहानुभूति स्वाति के साथ है, राजनीतिक हालात उनके पक्ष में है, इसीलिए केजरीवाल की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं. दिल्ली में 25 मई को वोटिंग है. यही देखते हुए आज आम आदमी पार्टी ने इस मामले में बीजेपी को लपेटने की कोशिश की लेकिन इस मसले पर बीजेपी का भी काउंटर मिलेगा क्योंकि शनिवार को दिल्ली में नरेन्द्र मोदी की पहली रैली है और मोदी इस मसले पर क्या कहेंगे, ये देखने लायक होगा.

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SWATI MALIWAL : BIG PROBLEM FOR KEJRIWAL!

AKB30 Embattled Delhi chief minister Arvind Kejriwal’s PA Vibhav Kumar was arrested by Delhi Police on Saturday from the CM’s residence. He has been arrested on the basis of an FIR lodged and statement made under Sec 164 to a magistrate by AAP Rajya Sabha member Swati Maliwal. She had alleged that Vibhav Kumar kicked her in the chest, abdomen and lower parts, tore her clothes and slapped her on May 13, when went to the chief minister’s residence. On Friday, Delhi minister Atishi showed a video clip and made a sensational claim that it was BJP which sent Maliwal to create a drama at Kejriwal’s official residence. Two days ago, AAP MP Sanjay Singh had told media that Kejriwal’s PA had misbehaved with Swati, and the AAP supremo would take action against him. But now, Swati has alleged that Kejriwal is working under pressure from Vibhav Kumar because he has several deep secrets about the chief minister with him. This is the reason why the entire matter is sought to be given a twist. The entire drama took place at Kejriwal’s residence. Whatever happened with Swati was unfortunate, but it is difficult to understand what exactly happened on May 13 morning. Those in the know say that Sanjay Singh had persuaded Swati not to make the matter public and there was an agreement between the two a few days ago. Clearly, the AAP supremo never wanted to face electoral damage as Delhi goes to polls next week. Swati Maliwal put a condition: that Vibhav Kumar must be removed from his post so that he cannot control access of outsiders to the chief minister. Sanjay Singh made his remarks public as per the agreement, and Swati remained silent. But when she noticed the next day that Kejriwal had taken his PA Vibhav Kumar to Lucknow, she was furious. She called Delhi Police to her residence and gave her statement nailing Vibhav. Even at that point, she did not speak to the media nor did she make any public statement over the incident. But, on Friday, when Aam Aadmi Party released a cctv video, made a counter-attack on Swati Maliwal and posted a tweet making its aims clear, Swati came out in public. It was Atishi who alleged that Swati was in cahoots with BJP to level charges against Kejriwal’s PA. Swati retorted and said that Aap Aadmi Party has surrendered because of “pressure” from Vibhav Kumar. She alleged that the entire party machinery has been used to raise fingers at her character. The entire sequence of events is astonishing and worrying. Delhi Police will now have to probe the matter from every angle. Both the law and public opinion is with Swati. The political situation is also in her favour and Kejriwal’s worries may now multiply. Delhi goes to the polls on May 25. AAP has now started to drag BJP into its internal affair, and BJP is sure to launch a counter-attack. The ball is now in PM Narendra Modi’s court who will be addressing an election rally in Delhi on Sunday.

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खटाखट, खटाखट : मोदी और राहुल

akb full प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को साफ कहा कि 4 जून को “आएगा तो मोदी ही”. नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 4 जून को सिर्फ मोदी ही रह जाएगा, 4 जून के बाद इंडी एलायन्स खटाखट..खटाखट बिखर जाएगा. शहजादों की जोड़ी खटाखट छुट्टियां मनाने निकल जाएगी क्योंकि जनता खटाखटृ खटाखट बटन दबाकर विरोधियों को खटाखट बाहर कर देगी. राहुल गांधी आजकल अपनी हर रैली में कहते हैं कि 4 जून के बाद इंडी अलायन्स की सरकार बनेगी और 4 जुलाई को महिलाओं के अकाउंट में खटाखट, खटाखट पैसा ट्रांसफर होगा. इसीलिए मोदी ने उसी अंदाज में जवाब दिया. राहुल गांधी गुरुवार को घर पर थे, उन्होंने कोई रैली नहीं की, लेकिन वो और अखिलेश साथ साथ रैलियां कर रहे हैं. इसलिए मोदी ने यूपी में दो शहजादों की बात की. गुरुवार को अखिलेश ने लखनऊ में अरविन्द केजरीवाल के साथ प्रैस कॉन्फ्रैंस की. दोनों ने दावा किया कि 4 जून को बीजेपी की विदाई तय है. केजरीवाल ने बीजेपी को 220 और अखिलेश यादव ने बीजेपी को ज्यादा से ज्यादा 143 सीटें मिलने का दावा किया. केजरीवाल ने फिर कहा कि 4 जून के बाद योगी आदित्यनाथ की कुर्सी पर खतरा होगा, मोदी अगर जीते तो योगी मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे. इस पर योगी ने कहा कि ये केजरीवाल के जेल जाने का साइड इफेक्ट है, केजरीवाल को खुद अपनी कुर्सी की चिन्ता करनी चाहिए. गुरुवार को नरेन्द्र मोदी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़, जौनपुर, भदोही और प्रतापगढ़ में रैलियां की और हर रैली में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जोरदार हमला बोला. मोदी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दो अलग-अलग पार्टियां हैं, लेकिन उनकी दुकान एक ही है, दोनों झूठ का सामान बेचते हैं.. मोदी ने कहा कि बीजेपी के पक्ष में जो माहौल है, उसे देखकर शहजादों के पेट में दर्द हो रहा है, उन्हें अपनी दुकान की फिक्र है. मोदी ने चार जून को लेकर भविष्यवाणी इसलिए की क्योंकि विरोधी दलों के नेता लगातार 4 जून को बीजेपी की विदाई की भविष्यवाणी कर रहे हैं.. लखनऊ में मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश ने बुधवार को दावा किया था, गुरुवार को केजरीवाल और अखिलेश ने ये दावा किया. ये तो मैंने आपको कल ही बता दिया था कि भविष्यवाणी सच होने के मामले में किसका रिकॉर्ड कैसा है. सबूत के साथ, तारीख, महीना और साल समेत सब के बयान बता दिए थे. इसलिए ये तो साबित हो चुका है कि 2014 से लेकर अब तक चुनाव नतीजों के बारे में, सियासी चालों के बारे में नरेन्द्र मोदी की भविष्यवाणी हमेशा सही साबित हुई. प्रियंका गांधी कह रही थी कि मोदी अपने वादों से पलट जाते हैं, इसलिए जनता उन पर यकीन नहीं करेगी. तो इसकी हकीकत भी 4 जून को सामने आ जाएगी. जहां तक केजरीवाल के इस दावे का सवाल है कि मोदी अमित शाह को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट मांग रहे हैं, 4 जून को अगर बीजेपी जीती, तो मोदी योगी को हटा देंगें, ऐसी बातें सुनकर सिर्फ हंसा जा सकता है क्योंकि राजनीति में इस तरह की बयानबाजी विरोधियों का आखिरी हथियार होता है. केजरीवाल बहुत चालाक हैं, लेकिन जनता उनसे ज्यादा चतुर है. सब इस बात को समझते हैं कि चूंकि विरोधी दल मोदी की लोकप्रियता से घबराने लगे हैं, वो जानते हैं कि मोदी का मुकाबला नहीं कर सकते, योगी भी लोकप्रिय हैं, इसलिए योगी के जाने और मोदी की जगह अमित शाह के आने का डर दिखाओ, पब्लिक को कन्फ्यूज करो, जिससे थोड़ा बहुत फायदा अगर हो सकता है, तो हो जाए. लेकिन मुझे लगता है कि ये पुराना फॉर्मूला है. जनता इसके बहकावे में नहीं आएगी. इसीलिए गुरुवार को मोदी ने कहा कि आएगा तो मोदी ही और सिर्फ इतना ही नहीं कहा, ये भी बता दिया कि यूपी में योगी ने बहुत काम किया है, समाजवादी पार्टी के राज में “वन डिस्ट्रिक्ट,वन माफिया” का फॉर्मूला चलता था, उसे बदल कर योगी ने “वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट” का फॉर्मूला लागू कर दिया है इसलिए यूपी में योगी के मुकाबले कोई नहीं.

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‘KHATAKHAT’, ‘KHATAKHAT’ : MODI AND RAHUL

AKB Prime Minister Narendra Modi on Thursday mocked Congress leader Rahul Gandhi’s “khatakhat” remark and told a Pratapgarh rally in Uttar Pradesh that the Congress-led INDIA bloc will disintegrate “khatakhat” (very fast) after the poll results are out of June 4. Modi also said, after June 4, the shehzadas (referring to Rahul Gandhi and Akhilesh Yadav) will also leave India “khatakhat” (in a jiffy). Modi said: “They have lost from Amethi, and will lose from Rae Bareli too. After June 4, INDI alliance will disintegrate khatakhat, the shehzade (princes) will leave for summer vacation abroad. I have information that they have booked their air tickets.” Rahul Gandhi in his election rallies has been telling voters that after June 4, when INDIA bloc will come to power, Rs 1 lakh (Rs 8500 per month) will be deposited in the bank account of each woman belonging to every poor household in India every year, “khatakhat”(in a second). He had said, the money will be sent to their accounts every month “khatakhat”. It was this “khatakhat” remark of Rahul, which Prime Minister Modi was mocking on Thursday. Rahul Gandhi took rest on Thursday and did not address any poll rally, but since Rahul and Akhilesh have been addressing joint rallies in UP (in Kannauj and Jhansi), Modi spoke about the two “shehzade”(princes). On Thursday, Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav addressed a press meet in Lucknow with AAP convenor Arvind Kejriwal. Both leaders claimed that BJP will be dislodged from power on June 4. Kejriwal predicted BJP will win 220 seats this time, while Akhilesh Yadav said, BJP will win a maximum number of 143 seats only. Kejriwal also hinted that CM Yogi Adityanath’s government will be in danger after June 4 if Modi wins. The Prime Minister spoke about June 4 counting day because opposition leaders have been consistently telling crowds that BJP will be dislodged from power after results are out on June 4. UP chief minister Yogi Adityanath responded to Kejriwal’s remarks, by saying he seemed to have lost his mental balance after coming out of jail. “This could be the side-effect of staying inside jail”, Yogi said. The UP CM said, Kejriwal was deliberately trying to create confusion by saying that Yogi would lose his seat if Modi wins. The UP CM said, “I am a yogi, I do not lust for power. For me, the nation and Sanatan dharma is supreme, for which I am ready to sacrifice everything, even my chief minister post. Kejriwal should worry about his own CM seat.” I have also written in my blog yesterday about how predictions of oppositions leaders proved wrong in 2019. I cited dates when these leaders made their predictions five years ago. Their predictions were later proved wrong. I cited the predictions of Narendra Modi and Amit Shah in 2019, which were found to be correct. Congress leader Priyanka Gandhi has been alleging in her meetings that Modi always backtracks from his own promises and people would not trust him anymore. This assessment will also be proved right or wrong, on June 4. As far as Kejriwal’s prediction that Yogi may be axed if Modi wins on June 4, is concerned, one can only laugh over such speculation. Kejriwal is a clever politician, but the people of India are cleverer than him. Many of the voters have now realized that since opposition leaders are afraid of Modi’s popularity, they know they cannot take on Modi directly, and that is why they are creating fresh bogeys about Amit Shah and Yogi. Their aim is to create confusion among voters, but people are not going to fall into their trap. Modi continues to tell his voters that “Aayega Toh Modi Hi”, and he also praises Yogi. Modi said, during Samajwadi Party’s rule, there was the formula of ‘one district, one mafia’, but under Yogi’s rule, a new industrial policy of ‘one district, one product’ has been launched. Naturally, Yogi has no serious competition in UP.

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विरोधी दलों के जीत के दावों का सच

AKB30 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि 4 जून को जनता का फैसला क्या होगा, ये साफ दिखाई देने लगा है. कांग्रेस या किसी विरोधी दल को इतनी सीटें भी नहीं मिलेंगी कि लोकसभा में विरोधी दल के नेता की मान्यता के लिए आवश्यक सीटें (55) मिल सकें. मोदी ने कहा कि ये बात विरोधी दलों के नेता समझ गए हैं, इसीलिए अब छोटी-छोटी पार्टियों का कांग्रेस में विलय करने की सलाह दी गई है जिससे कम से कम विपक्ष की मान्यता तो मिल सके. लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि 4 जून को बीजेपी की विदाई तय है, सरकार INDIA गठबंधन की बनेगी, वो शर्त लगा सकते हैं कि बीजेपी को 400 तो दूर, 200 सीटें भी नहीं मिलेंगी. अखिलेश यादव ने कहा कि 200 तो बड़ी बात है, बीजेपी 140 का आंकड़ा पार करने को भी तरसेगी. ममता बनर्जी ने भी यही बात कही. उन्होंने तो गिना भी दिया कि बीजेपी की सीटें कहां- कहां कम हो रही हैं, किन-किन राज्यों में बीजेपी हारने वाली है. अरविन्द केजरीवाल ने भी ऐलान कर दिया कि अब नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे, बीजेपी हारेगी. राहुल गांधी ने तो 4 जून को सरकार बनने के बाद सबसे पहला फैसला कौन सा होगा, इसका ऐलान भी कर दिया. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राहुल गलतफहमी में हैं. 4 जून तो क्या, भविष्य में भी कभी कांग्रेस की सरकार नहीं बनेगी. मोदी के नाम की लहर नहीं, सुनामी है. अमित शाह ने दावा किया कि पहले 4 चरणों में सरकार बनाने लायक सीटें (272 से ज़्यादा) तो मिल ही चुकी हैं, बचे हुए तीन चरणों में हम 400 पार करेंगे. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ये भी बता दिया कि NDA को चार सौं सीटें क्यों चाहिए. उन्होंने कहा कि जब 300 से ज्यादा सीटें जीतने के बाद अयोध्या में राम मंदिर बन गया, तो 400 से ज्यादा सीटें जीतने के बाद, ज्ञानवापी मस्जिद पर काशी विश्वनाथ मंदिर बनेगा और मथुरा की ईदगाह मस्जिद पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर बनेगा. विरोधी दलों के सारे नेता ज़ोर- ज़ोर से कह रहे हैं कि इस बार मोदी हार जाएंगे और जब वो इतने आत्मविश्वास से बोलते हैं तो कभी कभी लगता है कि इन दावों में कुछ तो दम होगा. लेकिन अगर हम पांच साल पहले किए गए दोनों तरफ के दावों की तुलना करें तो समझ में आ जाएगा कि विरोधी नेताओं के जीत के दावे कितने बचकाने हैं. ये मैं आपको सबूत समेत बताता हूं. पांच साल पहले 2019 के चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि मोदी जी घबराए हुए हैं, बीजेपी बुरी तरह हारने वाली है. हुआ उल्टा. कांग्रेस बुरी तरह हार गई. मैं आपको एक एक डेट गिनवा सकता हूं. 12 मई 2019 को वोट डालने के बाद राहुल गांधी ने कहा था – ‘ये चुनाव नोट बंदी, किसानों की समस्या, गब्बर सिंह टैक्स और राफेल में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे पर लड़ा जा रहा है, चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने नफरत का इस्तेमाल किया और हमने प्यार का इस्तेमाल किया और 23 मई को प्यार जीतेगा. बीजेपी हारेगी.’ हुआ उल्टा. राहुल हार गए. अमेठी की सीट भी हाथ से गई. 17 मई 2019 को खरगौन की रैली में नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अबकी बार 300 पार होगा और फिर NDA सरकार ही बनेगी. वही हुआ. अमित शाह के तो कई बयान हैं. 15 मई 2019 को अमित शाह ने कहा था कि बीजेपी बंगाल में 23 सीटे जीतेगी. ममता बनर्जी ने 13 मार्च 2019 को दावा किया था कि बीजेपी को बंगाल में एक भी सीट नहीं मिलेगी, तृणमूल कांग्रेस बंगाल में क्लीन स्वीप करेगी. ममता गलत साबित हुई. बीजेपी 18 सीटें जीती और ममता की पार्टी 38 से 22 पर आ गई. अमित शाह सही साबित हुए. इसी तरह ममता ने ये भी कहा था कि देश में बीजेपी को 100 सीटें भी नहीं मिलेगी. उसके जवाब में 17 मई 2019 के अमित शाह ने कहा कि बीजेपी 300 से ज्यादा सीटें जीतेगी, नरेन्द्र मोदी एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री बनेंगे. अमित शाह फिर एक बार सही साबित हुए. अब मैं आपको अखिलेश यादव के दावे के बारे में बताता हूं. 20 मार्च 2019 को अखिलेश ने कहा था लोकसभा चुनाव में बीजेपी यूपी की सभी 80 सीटें हार जाएगी लेकिन जब नतीजे आए, तो NDA को कुल 80 में से 64 सीटें मिलीं और अखिलेश यादव की पार्टी को सिर्फ पांच सीटें मिलीं, बीएसपी को दस, कांग्रेस को एक. इसलिए अगर सिर्फ दावों की बात की जाए तो विरोधी दलों के दावे बिलकुल गलत साबित हुए हैं. लेकिन मोदी इस बात की ज्यादा परवाह नहीं करते कि उनकी पार्टी जीत की तरफ बढ़ रही है. वो हर हालत में मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ते और हर रोज विरोधी दलों को मुश्किल में डालने वाला एक नया मुद्दा उठा देते हैं. बुधवार की शाम को मोदी ने मुंबई में एक रोड शो निकाला जिसमें हज़ारों मुंबईकरों ने उनका स्वागत किया.

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TRUTH BEHIND OPPOSITION CLAIMS OF MODI’S DEFEAT

AKB30 With less than 20 days left for Counting Day on June 4, the numbers game has already begun among top politicians. Prime Minister Narendra Modi on Wednesday said that the June 4 verdict seems to be quite clear. He said, neither the Congress nor any opposition party can muster enough strength to lay claim to the post of Leader of Opposition (55 seats). Modi said, opposition leaders have realized this and that is why there is proposal to merge some parties in Congress. Meanwhile, Congress President Mallikarjun Kharge on Wednesday emphatically said, Modi-led NDA will lose on June 4 and INDIA alliance will form the government. Kharge said, he is ready to place a wager that BJP would not even win 200 seats this time, forget crossing the threshhold of 400 seats. Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav said, 200 seemed to be a figure on the higher side and BJP will struggle to win more than 140 seats. Trinamool Congress chief Mamata Banerjee named the states where BJP is going to lose badly, while AAP convenor Arvind Kejriwal declared that BJP would lose this time and Modi would not become the PM again. Congress leader Rahul Gandhi went to the extent of even announcing major policy measures that would be taken after June 4 when INDIA bloc will form the government. UP chief minister Yogi Adityanath said, Rahul Gandhi seems to be living in a dream world. Yogi said, “forget June 4, Congress will never form any government at the Centre in future”. He predicted a Modi ‘tsunami’ in this election. Home Minister Amit Shah claimed that NDA has already “won” the required number of seats for majority (272) after the fourth phase of polling, and in the next three phases, it will surely cross 400. Assam chief minister Himanta Biswa Sarma explained why NDA needed 400 seats. Sarma said, with 300 seats, Ram temple was built in Ayodhya, and after winning more than 400 seats, Kashi Vishwanath temple will be built at Gyanpavi mosque, and Krishna Janmabhoomi temple will come up at Mathura Eidgah. When top opposition leaders, with confidence, say that Modi would lose this time, one starts wondering there must be some substance in their claims. One should compare their present claims with what they claimed five years ago in 2019, when LS results were yet to be announced. Only then can one realize the foolishness of their claims. Here are some proofs: On May 12, 2019, after casting his vote, Rahul Gandhi said “BJP will lose on May 23, because of Gabbar Singh Tax (GST), Rafale aircraft deal and demonetization”. He was not only proved wrong, but he also lost his own Amethi seat to Smriti Irani. On May 17, 2019 at his Khargone rally, Narendra Modi claimed that BJP would cross 300 and NDA would form government. That is what exactly happened. There are several statements of Amit Shah five years ago. On May 15, 2019, Amit Shah said, BJP would win 23 seats in Bengal. Two days earlier, Mamata Banerjee had claimed that BJP would not win a single seat in her state and her party would make a clean sweep. Mamata was proved wrong. BJP won 18 LS seats in Bengal and Trinamool’s LS tally declined from 38 to 22. Amit Shah was proved right. Five years ago, Mamata Banerjee had forecasted that BJP would not even win 100 LS seats. On May 17, 2019, Amit Shah claimed, BJP would win more than 300 seats and Modi would again become Prime Minister. Amit Shah was proved correct. On March 20, 2019, Akhilesh Yadav had claimed that BJP would lose all 80 LS seats in Uttar Pradesh, but when the results came, BJP and its allies won 64 seats. Akhilesh’s Samajwadi Party won only five seats and its then ally BSP won 10 seats. Congress won the solitary Rae Bareli seat. Most of the claims of opposition leaders were proved wrong five years ago. Narendra Modi is still unfazed and he is carrying on with his whirlwind tours, taking out roadshows and addressing rallies. On Wednesday late evening, thousands of Mumbaikars came out on the streets of the city to watch Modi taking out his road show.

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