
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इज़राइल की संसद को सम्बोधित किया. इजराइल की संसद को संबोधित करने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं.
इज़राइली सांसदों ने खड़े होकर मोदी का स्वागत किया, संसद में दो मिनट तक ‘मोदी, मोदी’ के नारे लगते रहे.
इज़राइली पीएम बेन्जामिन नेतान्याहू ने कहा, मोदी सिर्फ उनके दोस्त नहीं, भाई हैं, ये दो भाइयों की मुलाकात है, इसका असर दोनों देशों के रिश्तों पर भी दिख रहा है, भारत शक्तिशाली देश है, इजराइल भारत के मुकाबले छोटा है, लेकिन दोनों देश मिलकर एक दूसरे की ताक़त और काबलियत को कई गुना बढ़ा सकते हैं.
नेतान्याहू ने कहा, दोनों देश ब्रिटेन के गुलाम रहे, तकरीबन एक ही समय दोनों को आजादी मिली, दोनों देशों में लोकतन्त्र है, अब दोनों देश मिलकर दुनिया को नई राह दिखा सकते हैं.
अपने भाषण में मोदी ने कहा, ये उनका सौभाग्य है कि दुनिया की सबसे पुरानी संस्कृति के प्रतिनिधि के रूप में वह दुनिया की दूसरी पुरानी संस्कृति के लोगों को संबोधित कर रहे हैं, वह भारत के 140 करोड़ लोगों की तरफ से दोस्ती का संदेश लेकर आए हैं.
मोदी ने 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के वहशियाना हमले की निंदा करते हुए कहा, दुनिया में कही भी आंतकवादी हमला हो, उससे हर जगह शांति के लिए खतरा पैदा होता है.
मोदी ने कहा, भारत इस वक्त इज़राइल के साथ मजबूती के साथ खड़ा है, और आगे भी खड़ा रहेगा.
मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जिस गज़ा शांति पहल का अनुमोदन किया है, भारत उसका समर्थन करता है, भारत चाहता है, इस क्षेत्र में फलस्तीनी जनता सहित सभी लोगों के लिए एक न्यायपूर्ण और स्थायी शांति का माहौल पैदा हो.
मोदी ने हमास आतंकी हमलों की निंदा करते हुए कहा, कोई भी कारण बेगुनाह लोगों की हत्या को जायज़ साबित नहीं कर सकता, मुंबई में जो 26/11 आतंकवादी हमला हुआ था, उसमें भी इजराइली नागरिक मारे गए थे.
मोदी की बात इज़राइल की संसद में सुनी गई, लेकिन हमारे देश की संसद में मोदी को बोलने से रोका जाता है.
मोदी के लिए इजराइल की संसद में बार-बार तालियां बजी, लेकिन हमारी संसद में ऐसा नहीं दिखता.
इज़राइली संसद में एक अर्से के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने एकजुट होकर मोदी के भाषण पर तालियां बजाई. वहां के प्रतिपक्ष के नेता यैर लैपिड ने हिन्दी में सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल कर मोदी को इजडराइल का सच्चा दोस्त बताया.
मोदी का भाषण खत्म होते ही इजराइल की संसद तालियों की गड़गड़हाट से गूंज गई. सत्ता पक्ष और विपक्ष के लोगों ने खड़े होकर मोदी के प्रति सम्मान जाहिर किया.
भारत के बाहर मोदी के इज़राइल दौरे की सबसे ज़्यादा चर्चा पाकिस्तान में हो रही है. पाकिस्तान के राजनयिक और रक्षा विशेषज्ञ इस दौरे से पाकिस्तान पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित हैं.
चूंकि भारत और इज़राइल अपनी रणनीतिक साझेदारी को next level पर ले जा रहे है, इसलिए पाकिस्तान को डर है कि इज़राइल से मिलने वाले नए हथियार, पाकिस्तान के लिए ख़तरनाक साबित होंगे.
नई साझेदारी के तहत भारत को इज़राइल से laser guided air defense system Iron Beam मिलने की उम्मीद है, जिसका इस्तेमाल दुश्मन के ड्रोन्स को मार गिराने के लिए किया जाता है.
इसके अलावा ऐसी खबर है कि इज़राइल Iron Dome जैसी आधुनितकम टैकनोलोजी भारत से share करने को तैयार हो गया है. पाकिस्तान के diplomats ने कहा कि जिस तरह सऊदी अरब ने पाकिस्तान के साथ रक्षा समझौता किया है, उसी तरह का समझौता इज़राइल और भारत भी करने जा रहे हैं.
अगर ये समझौता हुआ तो इज़राइल के आधुनिकतम हथियार और नई-नई टैकनोलोजी भारत को मिलने लगेगी. इससे भविष्य में भारत और पाकिस्तान के बीच कोई जंग छिड़ी तो पाकिस्तान का ऑपरेशन सिंदूर से भी बुरा हाल होगा.
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