Rajat Sharma

दहेज़ को लेकर एक और मौत : ये आग कब बुझेगी?

WhatsApp Image 2025-04-29 at 3.16.49 PM दिल्ली-NCR से दिल दहलाने वाली खबर आई. इसकी चर्चा पूरे देश में है. एक लड़की को दहेज के नाम पर जलाकर मार डाला गया. ससुराल में बेटी पर बहुत जुल्म हुआ. छोटी सी उम्र में उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई.

जिसने भी जलती हुई लड़की का वीडियो देखा, उसके आंसू निकल आए. जिसने भी मारपीट करते हुए पति की तस्वीरें देखीं, उसका खून खौल उठा. जिसने भी लड़की के मासूम बेटे को ये कहते हुए सुना कि पापा ने मम्मी को थप्पड मारे, फिर उनके ऊपर कुछ डाला और जेब से लाइटर निकाल कर आग लगा दी. उसके रोंगटे खड़े हो गए.

लडकी के परिवार वालों को आरोप है ससुराल वालों ने दहेज के लिए बेटी को मारा-पीटा और फिर जलाकर मार डाला. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया. लड़की के पति, जेठ और सास-ससुर को गिरफ्तार कर लिया.

लेकिन ये सिर्फ दहेज का मामला नहीं है. ये सिर्फ एक बेकसूर बेटी की हत्या का केस नहीं है. ये हमारे समाज पर कलंक है. ये वो आग है, जिसकी गर्मी पूरा देश महसूस कर रहा है.

आपको जानकर हैरानी होगी कि लड़की का परिवार गरीब नहीं हैं, अनपढ़ नहीं है, ससुराल के लोग भी आर्थिक तौर पर मजबूत हैं. लड़की की बहन की शादी भी इसी घर में हुई थी. अच्छा ख़ासा दहेज़ दिया गया था. दोनों बहनों के साथ इससे पहले भी कई बार मारपीट हुई थी. नाते-रिश्तेदारों ने इसकी शिकायत पंचायत से की थी. बेटी घर लौट आई थी. पंचायत ने, समाज ने, माता-पिता पर दबाव डालकर फिर ससुराल भेज दिया. उन्होंने दावा किया था कि पंचायत के बाद सब ठीक हो जाएगा. बेटी का घर नहीं टूटना चाहिए. लेकिन आज बेटी की जिंदगी की डोर ही टूट गई.

इस केस का एक दूसरा पहलू भी है. ससुराल पक्ष का कहना है कि उन्होंने बहू को नहीं मारा, लड़की ने खुद आग लगाई, मामला दहेज का नही था, बहू सोशल मीडिया पर वीडियो डालती थी, ब्यूटी पार्लर चलाने की ज़िद करती थी, इसलिए झगड़े होते थे. लेकिन क्या कोई छोटे-मोटे झगड़ों से कोई लड़की खुद को आग लगा लेगी?

ग्रेटर नोएडा में जिस बेटी की मौत हुई, उसका नाम है निक्की. निक्की और उसकी बड़ी बहन कंचन की शादी 2016 में ग्रेटर नोएडा में दो सगे भाइयों विपिन भाटी और रोहित भाटी से हुई. आरोप ये है कि ससुराल में दोनों बहनों के साथ शादी के बाद से ही ज्यादती शुरू हो गई, दहेज की मांग शुरू हो गई, दहेज के लिए बहुओं से मारपीट होने लगी.

इसी साल लड़कियों के पिता बेटियों को ससुराल से वापस ले आए थे क्योंकि बेटियों को बुरी तरह पीटा गया था. इसके बाद पंचायत हुई. नाते रिश्तेदारों ने दोनों पक्षों को समझाया, ससुराल वालों को हिदायत दी गई, तो पिता ने बेटियों को ससुराल भेज दिया और यही सबसे बड़ी गलती हो गई.

निक्की के पिता भिखारी सिंह पायला ने कहा कि उन्होंने बेटियों की शादी ने अपनी हैसियत से ज्यादा दहेज दिया, गहने दिए, स्कॉर्पियो गाड़ी दी. फिर बेटी ने बच्चे को जन्म दिया तो एक बाइक दी. निक्की के पिता ने कहा कि इसके बाद भी ससुराल वालों का दिल नहीं भरा, तो 35 लाख रूपये या फिर मर्सिडीज़ कार की मांग की गई. ये मांग पूरी नहीं हुई तो बेटियों के साथ रोज़ मारपीट होने लगी. निक्की के पिता ने कहा कि अगर उन्होंने पंचायत का फैसला न माना होता, बेटियों को ससुराल न भेजा होता, तो आज उनकी बेटी जिंदा होती.

निक्की की मौत के बाद जो वीडियो सामने आया वो परेशन करने वाला है. निक्की की बड़ी बहन कंचन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें निक्की को उसका पति विपिन पीटता हुआ दिख रहा है. इस वीडियो में निक्की की सास भी दिख रही है.

निक्की के परिवार वालों का आरोप है कि ससुराल वाले मर्सिडीज़ कार की मांग कर रहे थे. निक्की के पिता का प्रॉपर्टी का काम है, कैब चलवाते हैं, कुछ दिन पहले उन्होंने मर्सिडीज खरीदी थी. कंचन और निक्की इस नई कार के साथ कुछ रील्स बनाई थी. रील्स देखने के बाद निक्की के ससुराल वालों ने मर्सिडिज की मांग शुरू कर दी.

हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि निक्की और कंचन ब्यूटी पार्लर चलाती थीं, सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थी, रील्स बनाती थी, इन्स्टाग्राम पर अपलोड करती थी. ये बात ससुराल वालों को पंसद नहीं थी, इसीलिए घर में झगड़े होते थे. इंस्टाग्राम पर निक्की और कंचन दोनों ने अकाउंट बना रखा था. निक्की का अकाउंट प्राइवेट था जबकि कंचन ने ब्यूटी पार्लर के नाम पर अपना अकाउंट पब्लिक कर रखा है. उसके 55 हज़ार से ज़्यादा फॉलोवर है.

दोनों बहनें रेगुलर रील बनातीं थी, कभी ब्यूटी पार्लर में, तो कभी गाड़ियों के साथ. रोहित और विपिन भाटी इस बात को पसंद नहीं करते थे कि उनकी पत्नियां रील बनाएं. इस बात को लेकर कई बार घर में झगड़ा हुआ. निक्की की मौत के बाद भी बड़ी बहन कंचन ने इंस्टाग्राम पर कई रील्स अपलोड की हैं. एक रील में निक्की का बेटा कह रहा है कि पापा ने मम्मी को जला दिया.

निक्की के परिवार की तरफ से दर्ज FIR के आधार पर पुलिस ने निक्की के पति विपिन, जेठ रोहित, उसके सास ससुर को गिरफ्तार कर लिया है. कोर्ट ने इन सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस अब इस केस की हर एंगल से जांच कर रही है, सबूत इक्कठे कर रही है.

सवाल ये नहीं है कि ये मामला सिर्फ दहेज का है या रील्स बनाने को लेकर झगड़ा हुआ. कड़वा सच तो ये है कि एक बेटी पर जुल्म हुआ. उसे या तो जलाकर मार डाला गया या जलने के लिए मज़बूर कर दिया गया.

अगर दहेज को लेकर एक भी बेटी प्रताड़ित होती है तो ये एक अभिशाप है. क्योंकि दहेज को रोकने के लिए सारे प्रयास हुए, सख्त कानून बना, धर्मगुरुओं ने उपदेश दिए, नेताओं ने समझाया, समाज सुधारकों ने अभियान चलाए, पर ज़ाहिर है ये नासूर ठीक नहीं हुआ. ये ज़ख्म आज भी गहरा है.

एक दर्दनाक सच ये भी है कि ऐसे सारे मामले सामने नहीं आते. कई बार परिवार दबा देता है. कभी समाज इस पर पर्दा डाल देता है. कभी बेटी की इज्ज़त का हवाला दिया जाता है, तो कभी ये जाति की प्रतिष्ठा का सवाल बन जाता है.

नोएडा के केस में भी यही हुआ. पंचायत ने पर्दा डाला. एक बात ये भी है कि दहेज के नाम पर 498-A का जो कानून बना था, उसका भी जमकर दुरुपयोग हुआ. हालत ये हुइ कि न्यायपालिका का ऐसे मामलों में शिकायत करने वालों पर से विश्वास उठ गया. नोएडा की बेटी के केस में जांच करते समय इन सब बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए.

Influencers की बेशर्मी पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर किसी का मजाक उड़ाने की अनुमति नहीं दी जा सकती. कॉमेडी शो India’s Got Latent में दिव्यांगों और गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों का मज़ाक़ बनाने वाले influencers, समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप लोग कॉमेडी का कमर्शियल इस्तेमाल करते हैं, इससे पैसा कमाते हैं तो फिर अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ नहीं ले सकते.

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमाल्य बागची की पीठ ने समय रैना समेत सभी 5 आरोपियों से कहा कि इस हरकत के लिए उन सबको सार्वजनिक रूप से बिना शर्ति माफ़ी मांगनी होगी और इस करतूत के लिए इन सब पर जुर्माना भी लगेगा.

कोर्ट ने कहा कि अगर अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर आज दिव्यांगों का मज़ाक़ उड़ाने की अनदेखी की गई तो कल महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों या फिर समाज के किसी और कमज़ोर तबक़े के साथ ऐसा हो सकता है.

समय रैना और बाक़ी 4 कॉमेडियंस ने अपने शो India’s Got Latent में spinal muscular atrophy के शिकार एक बच्चे का मज़ाक़ उड़ाया था. बच्चे के मां-बाप बच्चे के इलाज के लिए फंड इक्कठा कर रहे थे. बच्चे के इलाज के लिए 16 करोड़ रुपए की ज़रूरत थी. मां-बाप लोगों से मदद की अपील कर रहे थे लेकिन अपने शो में समय रैना ने कहा कि बच्चे के मां-बाप को अगर 16 करोड़ मिल भी जाएं, तो क्या वो इलाज कराएंगे ? हो सकता है कि बच्चे की मौत हो जाए.

शो में ऐसा कहते हुए समय रैना और दूसरे कॉमेडियंस ने Spinal Muscular Atrophy का मज़ाक़ उड़ाया. शो में मौजूद दर्शकों ने भी ठहाके लगाये. कॉमेडी शो में की गई इस हरकत के खिलाफ समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर हुई.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपने व्यापारिक हित के लिए किसी का मज़ाक़ उड़ाने को, बोलने की आज़ादी बिल्कुल नहीं माना जा सकता. बोलने की आज़ादी के नाम पर किसी कमज़ोर तबक़े का अपमान नहीं होना चाहिए. इसके लिए सभी कॉमेडियंस अपने शो में माफ़ी मांगें और उसका वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड करें.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह दिव्यांगों, महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों का अपमान करने, उनका मजाक उड़ाने वालों पर रोक लगाने के लिए guidelines बनाए. दिशार्निदेश बनाने के लिए न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स स्टैंडर्ड अथॉरिटी NBSA से मशविरा करने के लिए कहा गया है. NBSA स्वतंत्र संस्था है, जिसके नियम न्यूज़ चैनल्स पर लागू होते हैं.

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस अर्जुन सीकरी इसके अध्यक्ष हैं. कोर्ट ने कहा कि यूट्यूबर्स के लिए जो दिशानिर्देश बनें, वो सिर्फ एक घटना का Knee jerk रिएक्शन नहीं होनी चाहिए. ये दिशानिर्देश इतनी प्रभावी हो कि भविष्य में आने वाली चुनौतियों से निपट सकें

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