Rajat Sharma

बंगाल में हिंसा के पीछे कौन?

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बंगाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या से वहां की राजनीति में उबाल आ गया है. भाजपा के नेताओं ने कहा कि यह टीएमसी के जंगल राज का नमूना है. इस हत्याकांड की जांच के लिए एक एसआईटी (विशेष जांच टीम) बनाई गई है.
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस “हत्यारों की पार्टी है” और उन्हें पूरा भरोसा है कि जांच एजेंसियां हत्यारों को पकड़ कर सज़ा दिलाएगी. शुभेंदगु ने भाजपी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी रूप में बदले की कार्रवाई न करें और शांति बनाए रखें.
शुभेंदु के पी.ए. बुधवार रात को कार से अपने घर जा रहे थे, जब कोलकाता के पास मध्यमग्राम में घात लगाकर बैठे तीन लोगों ने उन पर ग्लॉक पिस्टल से गोलियां चलाई. चंद्रनाथ रथ की घटनास्थल पर मौत हो गई.
बंगाल में 4 मई को चुनाव के नतीजे आने के बाद कई जगह हिंसा की घटनाएं हुई थी. बुधवार को शांति थी लेकिन रात को ही शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या कर दी गई.
पूरे राज्य में चुनाव आयोग के कड़े निर्देश और पुलिस की सख्ती के बाद अब हालात काबू में तो हैं, लेकिन शुभेंदु के पीएम की हत्या से तनाव पैजा हो गया है.
बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के तकरीबन 200 मामलों की FIR दर्ज की गई है और 433 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
बंगाल पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान मिलकर जगह-जगह छापे मार रहे हैं. दक्षिण 24 परगना से बड़ी तादाद में घातक और धारदार हथियार बरामद किए गए हैं.
उत्तर 24 परगना ज़िले के संदेशखाली से 20 से ज़्यादा बम बरामद हुए हैं. बंगाल पुलिस ने हेल्पलाइन शुरू की है जिस पर कोई भी हिंसा होने पर शिकायत दर्ज करा सकता है.
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ लोगों में नाराज़गी है, इसलिए कुछ जगहों पर तृणमूल कांग्रेस के दफ्तरों पर हमले हुए हैं, लेकिन भाजपा कार्यकर्ता इस तरह के काम न करें.
मंगलवार को कोलकाता के धर्मतला इलाक़े में जीत का जश्न मना रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस के एक दफ्तर को बुल्डोज़र से गिरा दिया था. बीजेपी के कार्यकर्ताओं का कहना था कि TMC का ये दफ्तर गैरकानूनी तरीके से सड़क के बीचोंबीच बनाया गया हैस इसलिए इसे तोड़ा गया.
चुनाव के नतीजे आने के बाद कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, आसनसोल, जलपाईगुड़ी, बीरभूम और बर्धमान में मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं.
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद से बीजेपी के समर्थक पार्टी के दफ़्तरों पर हमले कर रहे हैं और उनके समर्थकों को टारगेट कर रहे हैं.
तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने कहा है कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में उनके दो कार्यकर्ता मारे गए और इसके लिए चुनाव आयोग ज़िम्मेदार है.
प्रदेश भाजपा ने एक विज्ञप्ति जारी करके कहा है कि चुनाव नतीजों के बाद रातों-रात पाला बदलने वालों से लोग सावधान रहें, भाजपा का झंडा लेकर गड़बड़ करने वालों से सतर्क रहें, अगर कोई ऐसा करे तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने बंगाल के मुख्य सचिव से मुलाक़ात की और हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
चुनाव नतीजे आने के बाद साफ दिखाई दे रहा है कि ममता बनर्जी से हार बर्दाश्त नहीं हो रही है. उन्हें डर है कि उनकी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता घबराकर घर पर न बैठ जाएं.
जो अभिषेक बनर्जी पिछले हफ्ते अमित शाह को चुनौती दे रहे थे, उनके चेहरे पर हवाईयां उड़ी हुई हैं. TMC के समर्थक कई जगह भगवा पहन कर, तिलक लगाकर अपने को बीजेपी का समर्थक बताने लगे हैं, कई जगह पर उन्होंने हिंसा भी की है, कुछ इलाकों में बीजेपी के समर्थकों ने भी मारपीट की है.
हिंसा की घटनाओं के बाद सब कुछ कैमरे पर है. ये हिंसा नहीं होनी चाहिए थी. अच्छी बात है कि पुलिस ने हिंसा पर काबू पा लिया.
अब भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती ये है कि बंगाल में शांति बनी रहे, लोगों के मन से डर खत्म हो, और कानून का राज कायम हो.
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