Rajat Sharma

नोएडा में इंजीनियर की मौत : ये हादसा नहीं, हत्या है

WhatsApp Image 2025-04-29 at 3.16.49 PM
नोएडा में 27 साल के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत नोएडा अथॉरिटी के नाकारापन और लापरवाही की वजह से हुई. तीन दिन पहले युवराज मेहता रात के अंधेरे में घने कोहरे के कारण गाड़ी समेत सड़क के किनारे पानी से भरे बीस फीट गहरे गड्ढे में गिर गया. वह मदद के लिए तीन घंटे तक चिल्लाता रहा, मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची, सौ से ज्यादा लोग मौजूद थे लेकिन फिर भी युवराज की जान नहीं बचा सके. वह डूब गया.
युवराज ने गड्ढे में गिरने के बाद सबसे पहले अपने बुजुर्ग पिता राज कुमार मेहता को फोन किया. पिता मौके पर पहुंच गए. बेटे ने फोन की लाइट जलाकर अपनी लोकेशन बताई, गाड़ी डूब रही थी, बेटा गाड़ी की छत पर लेट गया और बचाने की गुहार लगाता रहा लेकिन न फायर ब्रिगेड का कई कर्मी, न कोई पुलिसवाला , न कोई rescuer पानी में कूदा. सब दूर से रस्सी फेंकते रहे.
कुछ देर के बाद एक डिलीवरी boy वहां से गुजरा, वो पानी में कूदा लेकिन तब तक युवराज डूब चुका था. उसके पिता ने अपने इकलौते बेटे को खो दिया था.
इस हादसे के तीन दिन बाद सोमवार को नोएडा अथॉरिटी ने वह रास्ता बंद किया, वहां बैरीकेड लगाए और एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया.
लेकिन सवाल ये है कि जिस गहरे गड्ढे में गिर कर युवराज की मौत हुई, जिसमें दो साल से पानी भरा था, पहले भी वहां हादसे हो चुके हैं, तो नोएडा अथॉरिटी कर क्या रही थी? कोई साइन बोर्ड क्यों नहीं लगाए? बैरीकेडिंग क्यों नहीं की? स्ट्रीट लाइट तक नहीं लगाई, इसके लिए कौन जिम्मेदार है ?
एक बेटा पिता से जान बचाने की गुहार लगा रहा हो और पिता कुछ न कर पाए, बेटे की मौत उसकी आंखों के सामने हो जाए, इससे बड़ा दुख कोई और नहीं हो सकता.
युवराज के पिता राजकुमार मेहता की आंखों के आंसू भी सूख गए. सोमवार को जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में कार्रवाई की, जांच के लिए SIT का गठन किया, नोएडा अथॉरिटी के CEO लोकेश M को पद से हटा दिया, तो युवराज के पिता का कहना था, एक्शन हो रहा है, अच्छी बात है, अब बेटा तो वापस नहीं आ सकता, कम से कम इतना हो जाए कि किसी और के साथ ऐसा हादसा न हो.
राजकुमार मेहता ने कहा कि पुलिस पन्द्रह मिनट में पहुंच गई थी, आधे घंटे में फायर ब्रिगेड के लोग भी पहुंच गए लेकिन उनके पास रस्सी के अलावा एक डूब रहे व्यक्ति को बचाने के लिए न लाइफ जैकेट थी, न नाव थी और फायर ब्रिगेड के लोग ठंडे पानी में कूदने से डर रहे थे. इसलिए कोई पानी में नहीं उतरा और बेटा डूबकर मर गया.
युवराज राजकुमार मेहता का अकेला बेटा था, पत्नी के देहांत के बाद राजकुमार अपने बेटे के साथ रहते थे, एक बेटी ब्रिटेन में रहती है.
युवराज शुक्रवार की रात गुरूग्राम में अपने ऑफिस से नोएडा सेक्टर 150 में अपने घर लौट रहा था, घर के बिल्कुल करीब पहुंच चुका था लेकिन घना कोहरा था, इसलिए युवराज को रास्ते का अंदाज़ा नहीं हुआ, इसलिए गाड़ी skid करके सड़क के किनारे गहरे गड्ढे में जा गिरी.
राजकुमार मेहता ने बताया कि कुछ दिनों पहले एक ट्रक उसी गड्ढे में गिर गया था, अगर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारी उसी दिन वहां पर बैरीकेडिंग करके वार्निंग signage लगा देते, तो ये हादसा न होता.
सेक्टर 150 की सोसाइटी टाटा यूरेका पार्क के निवासियों का कहना है कि पहले तो नोएडा अथॉरिटी ने इतना गहरा गड्ढा यूं ही खुला छोड़ दिया, और जब इलाक़े के लोगों ने नोएडा अथॉरिटी से शिकायत की तो एडिशनल सीईओ सतीशपाल सिंह ने उन्हें डांट कर बाहर भेज दिया.
युवराज मेहता की मौत के बाद नोएडा अथॉरिटी हरकत में आई. उसने दो बिल्डर्स M.J. Wishtown Planners और Lotus Green Construction के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है. इसके अलावा, नोएडा ट्रैफिक cell डिपार्टमेंट के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार को नौकरी से बर्ख़ास्त कर दिया गया है.
घटना की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने मेरठ जोन के कमिश्नर के नेतृत्व में तीन सदस्यों की SIT गठित कर पांच दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा है. ये कमेटी हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करेगी और उनके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई होगी.
ये मौत एक हादसा नहीं, हत्या है. अफसरों की लापरवाही की इंतेहा है. पानी से भरा गड्ढा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया, न barricades लगाए, न warning sign लगाया.
लोगों ने शिकायत की तो Noida के ACEO ने डांटकर भगा दिया, सुप्रीम कोर्ट जाने को कहा. हद तो तब हो गई जब फायर ब्रिगेड पहुंची पर उसके लोगों के पास life jacket नहीं थी. कोई पानी में नहीं उतरा. पुलिसवाले रस्सियां फेंकते रहे और लोगों को पानी में उतरने से रोकते रहे.
इस लापरवाही के गुनहगारों को सज़ा मिलनी चाहिए. संवेदनशून्यता की सीमा तो तब पार हो गई जब वहां खड़े 100 लोग रील बनाकर सोशल मीडिय़ा पर पोस्ट करते रहे. किसी की जान जा रही थी और वो मज़ा लेते रहे. ऐसे लोगों का क्या किया जाए? ये भी सोचने की ज़रूरत है.
Get connected on Twitter, Instagram & Facebook

Comments are closed.