
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के उस इलाके में जाकर RJD और कांग्रेस को घेरा, जहां महागठबंधन मजबूत है, जहां मुस्लिम आबादी चालीस फीसद से ज्यादा है. मोदी ने पूर्णिया में एयरपोर्ट के उद्घाटन किया, वंदे भारत, अमृत भारत और एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, 40 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा की परियोजनाओं लोकार्पण और शिलान्यास किया.
इसके बाद मोदी ने कहा कि RJD और कांग्रेस बिहार की तुलना बीड़ी से करते हैं, लेकिन बीजेपी, NDA बिहार को विकास का इंजन बनाना चाहते हैं. मोदी ने घुसपैठियों का मुद्दा उठाया, कहा कि जो लोग घुसपैठियों को बचाने के लिए यात्राएं निकाल रहे हैं, वे कान खोलकर सुन लें, घुसपैठिए बहन बेटियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं, हमारे संसाधनों पर कब्जा कर रहे हैं, डेमोग्राफी को बदलने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए घुसपैठियों को देश से बाहर जाना ही होगा, ये मोदी की गारंटी है.”
इस रैली में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मोदी ने बिहार के लिए जितना किया है, उतना काम इससे पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया. जब जनता तालियां बजाने लगी, तो नीतीश ने कहा कि सिर्फ तालियां बजाने से काम नहीं चलेगा, .सब लोग खड़े होकर प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन करें.
जिस मंच से मोदी राहुल-तेजस्वी पर निशाना साध रहे थे, उसी मंच पर पप्पू यादव पूर्णिया के सांसद के नाते मौजूद थे. पप्पू यादव ने एयरपोर्ट, वंदे भारत-अमृत भारत ट्रेनें शुरू करने के लिए मोदी का आभार प्रकट किया. पूर्णिया एयरपोर्ट खुलने की खुशी में पप्पू यादव ने खीर बांटी. पप्पू यादव ने कहा कि मोदी ने पूर्णिया को आज बहुत कुछ दिया है, अगर मोदी पूर्णिया के विकास में इसी तरह मदद करेंगे तो वो भी प्रधानमंत्री का साथ देंगे.
मोदी ने जिस तरह से बिहार के सीमांचल के लिए Airport और train सेवा का उद्घाटन किया, उसका चुनाव में फायदा तो होगा. जिस तरह से नीतीश कुमार एक के बाद एक कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा करके लोगों के बैंक खातों में पैसा पहुंचाने में लगे हैं, इससे वोटों में इजाफा तो होगा.
कांग्रेस और RJD मोदी को मां की गाली देने वालों को समर्थन दे कर खुश हैं, नीतीश कुमार को कमजोर और बीमार बताकर गदगद् हैं लेकिन नीतीश कुमार ने अपने पुराने अंदाज में तेजस्वी यादव को जवाब दिया.
अब RJD वाले इस बात को मुद्दा बनाना चाहते हैं कि नीतीश कुमार ने मोदी का इतना जोरदार अभिनंदन क्यों किया. तो फिर उन्हें पप्पू यादव से भी पूछना पड़ेगा कि पप्पू ने पूर्णिया को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की इतनी तारीफ क्यों की..
टीम इंडिया ने कैसे पाकिस्तान के जले पर नमक छिड़का
एशिया कप में भारत से बुरी तरह मात खाने के बाद पाकिस्तान रो रहा है. मैच रैफरी को हटाने की मांग कर रहा है, मैच रैफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को पेनल से न हटाने पर टूर्नामेंट में आगे न खेलने की धमकी दे रहा है. ताजा खबर ये है कि ICC ने एंडी पायक्रॉफ्ट को मैच रैफरी पैनल से हटाने के पाकिस्तान के अनुरोध को खारिज कर दिया है. खबर ये भी है कि पाकिस्तान टूर्नामेंट में आगे भी खेलते रहेगा.
रविवार को दुबई में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को धूल चटाई, एकतरफा मैच में सात विकेट से रौंद दिया. इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी टीम के सदस्यों से हाथ मिलाये बगैर पैवलियन लौट गए. टॉस के बाद भी कैप्टन सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान के कैप्टन सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया था.
पाकिस्तान को हराने के बाद टीम इंडिया ने इस जीत को पहलगाम में मारे गये बेगुनाहों और ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को सबक सिखाने वाले भारतीय सेना के जवानों के नाम किया.
पाकिस्तान ने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट डायरेक्टर उस्मान वाहला को भी सस्पेंड कर दिया है. उस्मान वाहला पर आरोप था कि उन्होने भारतीय खिलाड़ियों के रवैये का मुद्दा ICC के सामने तत्काल क्य़ों नहीं उठाया .
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि कुछ बातें खेल भावना और क्रिकेट शिष्टाचार से भी ऊपर होती है, पहलगाम का मुद्दा ऐसा ही है. सूर्य कुमार यादव ने कहा कि टीम इंडिया ने मैदान पर जो किया वो बिल्कुल सही था, टीम इंडिया के खिलाड़ी सबसे पहले भारतीय हैं, पूरी टीम पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़ी है और वो इस जीत को देश की सशस्त्र सेनाओं को समर्पित करते हैं.
भारतीय खिलाड़ियों के इस रूख से पाकिस्तान क्रिकेट कन्ट्रोल बोर्ड के अफसर बिलबिला रहे हैं. पाकिस्तान मीडिया पर पूर्व क्रिकेटर खेल भावना की दुहाई दे रहे हैं. तनवीर अहमद और मोईन ख़ान ने तो यहां तक कह दिया था कि अब PCB के अधिकारियों को BCCI का बॉयकॉट करना चाहिए, BCCI के लोगों से हाथ नहीं मिलाना चाहिए तभी पता लगेगा कि बेइज्जती क्या होती है.
असल में पहलगाम के आतंकवादी हमले के बाद से भारत के लोगों में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त ग़ुस्सा है. भारत में लोग पाकिस्तान के साथ मैच खेलने का विरोध कर रहे थे.
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत पहले ही कह चुका है कि हम पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय मैच नहीं खेलेंगे लेकिन अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में किसके साथ खेलना है, किसके साथ नहीं, इसका फैसला भारत नहीं कर सकता. जीत के बाद हमारे खिलाड़ियों ने जो किया, वहीं देश की भावनाओं का सही प्रकटीकरण था.
पहली बात ये है कि हमें पाकिस्तान के साथ मैच खेलना ही नहीं चाहिए था. अब उन्हें बुरी तरह हरा दिया तो लोगों की नाराजगी थोड़ी कम हुई है. लेकिन पाकिस्तान को तो हर हार पर रोने की आदत है, वो चाहें जंग के मैदान में हारें या क्रिकेट की pitch पर.
पाकिस्तान को मातम तो अपनी टीम की पिटाई पर मनाना चाहिए था पर वो इस बात को लेकर रो रहे हैं कि हाथ क्यों नहीं मिलाया. हाथ मिलाते तो रोते कि गले क्यों नहीं लगाया.
पाकिस्तान की टीम को रोना तो इस बात पर चाहिए था कि उनके बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ दोनों fail हुए. पर वो रो इस बात पर रहे हैं कि Indian dressing room का दरवाजा बंद मिला.
दरवाजे तो उसी दिन से बंद हैं जबसे पाकिस्तानी cricketers ने हमारे बेगुनाह लोगों का कत्ल करने वालों का समर्थन किया था.
मैं कप्तान सूर्य कुमार यादव की तारीफ करूंगा कि उन्होंने अपनी जीत को पहलगाम में मारे गये बेगुनाहों और हमारी सेना को समर्पित किया.
वनतारा : न्याय की जीत, बेज़ुबानों को मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस फाउंडेशन के एनिमल रेस्क्यू ऐंड रिहैबिलिटेशन सेंटर, वनतारा को तमाम आरोपों से क्लीन चिट दे दी है. जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस पी बी वराले की बेंच ने कहा कि वनतारा ने नियम क़ायदों के हिसाब से ही देश विदेश से जानवर लाए हैं और उनकी देख-रेख का इंतज़ाम किया है.
अदालत ने कहा कि SIT रिपोर्ट पढ़ने से स्पष्ट हो जाता है कि वनतारा पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने अपनी जांच में किसी भी क़ानून या नियम का उल्लंघन नहीं पाया है.
वनतारा गुजरात के जामनगर में है जहां बेसहारा और बीमार जंगली जानवरों की देख-रेख की जाती है. असल में दो लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जियां दे कर आरोप लगाया था कि वनतारा में देश-विदेश से जो जानवर इकट्टे किए गए हैं, वो नियमों के ख़िलाफ़ हैं, वन्यजीव अधिनियम का उल्लंघन हैं.
इन आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस जे.चेलमेश्वर की अगुवाई में एक SIT बनाई गई. इस SIT में उत्तराखंड हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस राघवेंद्र चौहान, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर हेमंत नगराले और पूर्व IRS ऑफ़िसर अनीश गुप्ता को शामिल किया गया था.
SIT ने 12 सितंबर को अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी थी. सोमवार को इसी रिपोर्ट के हवाले से सुप्रीम कोर्ट ने वनतारा को क्लीन चिट दे दी.
सुप्रीम कोर्ट ने अच्छा किया कि अनंत अंबानी के वनतारा की जांच करवाई. जांच करने वाली टीम के नेता जस्टिस चेलमेश्वर थे. जिनके बारे में कोई ये नहीं कह सकता कि वो सरकार समर्थक हैं. इसीलिए कोई ये भी नहीं कह पाएगा कि मोदी ने अंबानी को बचाया.
बड़ी बात ये है कि अनंत अंबानी ने बेसहारा, बीमार जानवरों के इलाज के लिए अपने पैसे से विश्व स्तरीय facility बनाई है. इन बेसहारा जानवरों को प्राकृतिक वातावरण में रखा गया है.
अनंत अंबानी ये पैसा होटल, कैसिनो या दुनिया के किसी भी कारोबार में लगा सकते थे. करोड़ों रुपये और कमा सकते थे. पर उन्होंने अपना समय, अपना पैसा और अपना दिमाग पशु-पक्षियों को बचाने, उन्हें आश्रय देने, उनकी देखभाल करने के लिए लगाया.
ये बेजुबान जानवर कभी Thank you तो नहीं कह पाएंगे लेकिन उनकी आंखों में करुणा और आभार की झलक जरूर दिखाई देगी..
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