
बांग्लादेश में एक और हिंदू नौजवान को कट्टरपंथियों ने पीट-पीटकर मार डाला. बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले में 29 साल के अमृत मंडल को जिहादियों की भीड़ ने घेर कर बुरी तरह पीटा, उसे इतना मारा कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई.
इससे पहले मैमनसिंह में दीपू चंद्र दास को सरेआम चौराहे पर जिंदा जला दिया गया था. अमृत मंडल के साथ ये हैवानियत उस वक्त हुई जब 17 साल बाद लंदन से बांग्लादेश लौटे खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने कट्टरपंथियों से कानून हाथ में ने लेने की अपील की, सर्वधर्म सम भाव, शान्ति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की.
तारिक रहमान के स्वागत में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के लाखों समर्थक ढाका पहुंचे थे. चूंकि पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेश में लगातार हिन्दुओं पर हमले हो रहे हैं, हिंदुओं को डराया-धमकाया जा रहा था, इसलिए तारिक रहमान ने बांग्लादेश पहुंचते ही कहा कि वो सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं, बांग्लादेश में कट्टरपंथ नहीं, सभी धर्मों को बराबरी का दर्ज़ा देना चाहते हैं.
तारिक रहमान ने कहा कि बांग्लादेश को अगर तरक्की करनी है तो शान्ति और मेल-जोल जरूरी है. तारिक रहमान की ये बातें महत्वपूर्ण क्यों हैं क्योंकि खालिदा जिया के बेटे के बांग्लादेश आने से मोहम्मद युनूस परेशान हैं.
बांग्लादेश में 12 फरवरी को वोटिंग होनी है. पिछले साल शेख़ हसीना को देश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था, वो भारत में हैं. कट्टरपंथियों के दबाव में आकर मोहम्मद युनूस ने हसीना की पार् अवामी लीग पर बैन लगा दिया. ख़ालिदा ज़िया अस्सी साल की हो गई हैं, बहुत ज्यादा बीमार हैं, बांग्लादेश में इस समय एक राजनीतिक शून्यता है. सारी जमातें सत्ता पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश में हैं.
जमीयत-उलेमा-ए-इस्लाम और ख़ालिदा ज़िया की BNP ने गठबंधन किया है. ख़ालिदा के बेटे तारिक़ रहमान प्रधानमंत्री पद के दावेदार होंगे.
तारिक़ रहमान भले ही कट्टरपंथियों से सदभाव की अपील कर रहे हों लेकिन बांग्लादेश के अलग अलग हिस्सों में कट्टरपंथियों का हंगामा जारी है. ढाका में कट्टरपंथियों मे उस्मान हादी के हत्यारों को गिरफ़्तार करने की मांग को लेकर फिर हंगामा किया. पुलिस ने उस्मान हादी के मर्डर केस में हिमोन रहमान सिकदार नाम के एक शख़्स को गिरफ़्तार करने का दावा किया लेकिन बाद में पता ये लगा कि हिमोन सिकदार का उस्मान हादी की हत्या से कोई सीधा ताल्लुक़ नहीं है.
हिमोन उस आलमगीर शेख़ का क़रीबी है जो उस्मान हादी पर हमले के वक़्त मोटरसाइकिल चला रहा था. अवामी लीग के नेताओं ने कहा कि पुलिस सिर्फ खानापूरी कर रही है, हकीकत यही है कि हादी के क़त्ल के लिए चीफ़ एडवाइज़र मुहम्मद यूनुस ज़िम्मेदार हैं क्योंकि यूनुस ने सत्ता में आने के बाद जिन आतंकियों और अपराधियों को जेल से छोड़ा था, अब वही अपराधी युनूस के इशारे पर पूरे देश में दंगा कर रहे हैं.
बांग्लादेश में ढाका पुलिस ने अताउर रहमान नाम के आतंकवादी को गिरफ्तार किया. अताउर रहमान ही कट्टरपंथियों को बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या करने के लिए उकसा रहा था. उसकी प्लानिंग बांग्लादेश में बड़ी संख्या में हिन्दुओं की हत्या की थी. अताउर रहमान मुफ़्ती हारुन अज़हर का चेला है और हारून अजहर के रिश्ते पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा से हैं.
बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या परेशान करने वाली है. इस्लाम के नाम पर बेरहमी से हत्या करने वाले सच्चे मुसलमान नहीं हो सकते और कोई कर भी क्या सकता है?
बांग्लादेश में कट्टरपंथी हावी हैं. मोहम्मद यूनुस की सरकार उनसे मिली हुई है. 17 साल बाद ढाका लौटे तारिक रहमान ने बातें तो अच्छी की हैं, सबको साथ लेकर चलने की बात कही है लेकिन उनकी पार्टी का जमीयत-उलेमा-ए-इस्लाम के साथ गठबंधन है. BNP पहले जमात-ए-इस्लामी के साथ सरकार भी बना चुकी है.
ऐसे में तारिक़ रहमान राजनीतिक यथार्थ के सामने अपनी बातों पर कितना टिक पाएंगे.
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